Rishi Panchami 2022: महिलाओं के मासिक धर्म से जुड़ी है यह कथा, जानें ऋषि पंचमी व्रत का महत्व

इस वर्ष ऋषि पंचमी आज 01 सितंबर, 2022 को है. ऋषि पंचमी पर सप्तऋषियों की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.

ऋषि पंचमी पर उपवास रखने से पापों से मुक्ति है. ऋषि पंचमी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है.

भाद्रपद महीने की शुक्ल पंचमी तिथि महिलाओं के लिए बेहद अहम मानी जाती है, जिसे ऋषि पंचमी (Rishi Panchami) कहा जाता है.

इस दिन सप्तऋषियों के पूजन के साथ कुछ समाजों में रक्षाबंधन का पर्व मनाने की परंपरा है.

खासतौर पर महिलायें इस दिन उपवास भी करती है. जो जीवन में सारे सुख- वैभव व अंत समय में मुक्ति देने वाला माना जाता है.

इसे लेकर भविष्य पुराण में एक कथा भी है, जो महिलाओं के मासिक धर्म से जुड़ी है.

यहां आज वही कथा पंडित इंद्रमणि घनस्याल बता रहे हैं, जिसमें ही इस व्रत का महात्म्य भी छिपा है.

सतयुग में विदर्भ नगरी में श्येनजित नाम के ऋषियों के समान राजा थे. जिनके राज में एक किसान सुमित्र व उसकी पत्नी जयश्री धर्म परायण जीवन जी रहे थे.

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