Ramveer Upadhyay: जिंदगी की जंग हार गए रामवीर उपाध्याय, 14 महीने लड़ी बीमारी से जंग

राजनीति में हाथरस का नाम राेशन करने वाले और ढाई दशक से अधिक राजनीति में दबदबा रखने वाले Ramveer Upadhyay भले ही अब नहीं रहे

वह हाथरस की राजनीति का इतिहास लिख गए। 14 महीने कैंसर से जंग लड़ने के बाद वह आखिर जिंदगी से जंग हार गए।

इत्तेफाक है उन्होंने राजनीति की शुरुआत भाजपा से ही की थी, और वह भाजपा में ही रहते हुए राजनीति को हमेशा के लिए अलविदा कह गए

रामवीर की मौत की खबर से राजनीति जगत में खलबली मच गई है। तीन दशक पहले हाथरस, अलीगढ़ जनपद का हिस्सा था।

अलग-अलग बिरादरियों के नेता यहां अपने बर्चस्व को साबित करने में लगे हुए थे। उन दिनों हाथरस में ब्राह्मणों का बहुत मजबूत नेता नहीं था।

मुरसान ब्लाक के गांव बामौली निवासी Ramveer Upadhyay राजनीति की ऊंचाइयों को छूने का मन बना चुके थे।

वर्ष 1989 में हाथरस के रामवीर ने गाजियाबाद से आकर राजनीति में सक्रियता बढ़ाई।

हाथरस की लेबर कालोनी में रहकर राम मंदिर की लहर के दौरान भाजपा के रथ पर सवार हुए। 

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