Karwa Chauth 2022: करवा चौथ कल, जानें शुभमुहूर्त, पूजा विधि और आपके शहर में कब होंगे चांद के दर्शन

गुरुवार रहेगा और सभी ग्रहों में सबसे ज्यादा शुभ फल देने वाले गुरु ग्रह अपनी स्वयं की राशि में रहेंगे।

ज्योतिष शास्त्र के जानकारों के मुताबिक ऐसा संयोग 46 वर्षों के बाद बन रहा है।

इस वर्ष गुरुवार, 13 अक्तूबर को पति-पत्नी के आपसी प्रेम और समर्पण का महापर्व करवा चौथ है।

करवा चौथ का त्योहार और इस दिन बिना कुछ खाए-पीए निर्जला व्रत रखने का महत्व होता है।

सुहागिन महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु, सुखी जीवन, सौभाग्य और समृद्धि की कामना के लिए दिनभर उपवास रखते हुए रात के समय चंद्रमा के दर्शन कर व्रत तोड़ती हैं।

हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का पर्व मनाया जाता है।

यह सुहागिनों के सबसे बड़े त्योहार में से एक है। सुहागिनों के लिए करवा चौथ व्रत का इंतजार सालभर रहता है।

जिसमें महिलाएं इस दिन 16 श्रृंगार करके पूरे दिन पानी पीए रहती हैं।

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