HomeBreaking NewsTeacher,gonda,english - Gonda News: अंग्रेजी माध्यम स्कूल के शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

Teacher,gonda,english – Gonda News: अंग्रेजी माध्यम स्कूल के शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण


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गोंडा। जिले के परिषदीय स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षा की पहल चार साल पहले लागू हुई थी। इसके तहत दो सौ स्कूलों का चयन किया गया और अंग्रेजी मीडियम स्कूल घोषित किया गया। इन स्कूलों में शिक्षकों का चयन परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से हुआ। जिन्हें अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में तैनाती 2018 तक दी गई। इसके बाद से अभी तक शिक्षकों को प्रशिक्षण नहीं दिया गया। अब उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू हुई है।
अंग्रेजी शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी डायट को दी गई है। इसके लिए बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से शिक्षकों का ब्यौरा मांगा है। जिससे उनके प्रशिक्षण का कार्यक्रम तय हो सके। इन शिक्षकों को बीते चार सालों से प्रशिक्षण का इंतजार है। करीब आठ सौ शिक्षकों का चयन अंग्रेजी मीडियम के लिए हो चुका है। वह पढ़ाई भी करा रहे हैं।
प्रशिक्षण इसलिए जरूरी बताया जा रहा है कि वह पहले हिंदी मीडियम स्कूलों में ही पढ़ा रहे थे। एकाएक अंग्रेजी मीडियम में भेजे गए थे। ऐसे में पढ़ाई के तौर-तरीकों के बारे में बताया जाना था, लेकिन चार सालों से विभाग की लापरवाही से प्रशिक्षण अब तक नहीं हो सका।

गोंडा। जिले के परिषदीय स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षा की पहल चार साल पहले लागू हुई थी। इसके तहत दो सौ स्कूलों का चयन किया गया और अंग्रेजी मीडियम स्कूल घोषित किया गया। इन स्कूलों में शिक्षकों का चयन परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से हुआ। जिन्हें अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में तैनाती 2018 तक दी गई। इसके बाद से अभी तक शिक्षकों को प्रशिक्षण नहीं दिया गया। अब उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू हुई है।

अंग्रेजी शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी डायट को दी गई है। इसके लिए बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से शिक्षकों का ब्यौरा मांगा है। जिससे उनके प्रशिक्षण का कार्यक्रम तय हो सके। इन शिक्षकों को बीते चार सालों से प्रशिक्षण का इंतजार है। करीब आठ सौ शिक्षकों का चयन अंग्रेजी मीडियम के लिए हो चुका है। वह पढ़ाई भी करा रहे हैं।

प्रशिक्षण इसलिए जरूरी बताया जा रहा है कि वह पहले हिंदी मीडियम स्कूलों में ही पढ़ा रहे थे। एकाएक अंग्रेजी मीडियम में भेजे गए थे। ऐसे में पढ़ाई के तौर-तरीकों के बारे में बताया जाना था, लेकिन चार सालों से विभाग की लापरवाही से प्रशिक्षण अब तक नहीं हो सका।





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