HomeBalliaInvestors Pleaded For Payment - निवेशकों ने भुगतान के लिए लगाई गुहार

Investors Pleaded For Payment – निवेशकों ने भुगतान के लिए लगाई गुहार


ख़बर सुनें

बैरिया। निजी कंपनी में निवेशकों के फंसे करोड़ों रुपये के भुगतान के लिए सरकार से हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए कंपनी के कार्यकर्ताओं ने रविवार को बैरिया डांक बंगला परिसर में बैठक की। कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 19 नवंबर को बैरिया तहसील पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
कंपनी में क्षेत्र के लोगों का लगभग एक अरब से अधिक रुपया विभिन्न बचत योजनाओं और फिक्स डिपाजिट में जमा है। अवधि पूरा हो जाने के बावजूद भुगतान नहीं हो पा रहा है। निवेशकों और अभिकर्ताओं में रोज ही कहासुनी और झड़प हो रही है। गुस्साए निवेशकों के प्रतिरोध का सामना करते-करते अभिकर्ता परेशान हैं लेकिन कंपनी के बड़े अधिकारी और मालिक बात सुनने को तैयार नहीं हैं। बचत कर अपना पैसा जमा कराने वाले लोगों का कहना है कि हमलोग अपनी जरूरत के लिए पैसा जमा किए थे। अभिकर्ताओं ने भरोसा दिया था कि अवधि पूरा हो जाने पर भुगतान हो जाएगा, अब ऐसा नहीं हो रहा है। बैरिया के रामचंद्र ने बताया कि हमने अपनी बेटी की शादी के लिए कंपनी में पैसा जमा किया था। तीन साल से भुगतान के लिए दौड़ रहा हूं। रानीगंज के वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उसने अपना ऑपरेशन कराने के लिए पैसा जमा किया था। भुगतान नहीं हो रहा है।
गोपालपुर निवासी सीमा तिवारी के पिता गोपाल तिवारी अपने पुत्री की शादी के लिए पैसा जमा किया था। गोपाल तिवारी की भुगतान की आस में मौत हो गई। अब उनकी पुत्री सीमा भुगतान के लिए कार्यालय का चक्कर लगा रही हैं। रामपुर निवासी शिवदयाल पांडेय मकान बनवाने के लिए पैसा जमा किए थे। भुगतान नहीं होने से मकान बनाने का मामला अधर में लटका हुआ है। इसी तरह सैकड़ों लोगों ने भुगतान नहीं होने के चलते अपने हुए नुकसान को बताया। अभिकर्ताओं का कहना है कि कंपनी भुगतान नहीं कर रही है। सरकार को कंपनी की सम्प्पति बेचकर हम लोगों का भुगतान करना चाहिए। बैठक में विनोद सिंह, अजब नरायण सिंह, भूपेंद्र तिवारी, बरमेश्वर यादव, सन्तोष वर्मा, राधेश्याम सिंह, हरेराम केसरी, राजकुमार यादव, अजय शर्मा, जीएन सिंह सहित दर्जनों लोगों ने अपने विचार रखे। कंपनी के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने की घोषणा की।

बैरिया। निजी कंपनी में निवेशकों के फंसे करोड़ों रुपये के भुगतान के लिए सरकार से हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए कंपनी के कार्यकर्ताओं ने रविवार को बैरिया डांक बंगला परिसर में बैठक की। कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 19 नवंबर को बैरिया तहसील पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।

कंपनी में क्षेत्र के लोगों का लगभग एक अरब से अधिक रुपया विभिन्न बचत योजनाओं और फिक्स डिपाजिट में जमा है। अवधि पूरा हो जाने के बावजूद भुगतान नहीं हो पा रहा है। निवेशकों और अभिकर्ताओं में रोज ही कहासुनी और झड़प हो रही है। गुस्साए निवेशकों के प्रतिरोध का सामना करते-करते अभिकर्ता परेशान हैं लेकिन कंपनी के बड़े अधिकारी और मालिक बात सुनने को तैयार नहीं हैं। बचत कर अपना पैसा जमा कराने वाले लोगों का कहना है कि हमलोग अपनी जरूरत के लिए पैसा जमा किए थे। अभिकर्ताओं ने भरोसा दिया था कि अवधि पूरा हो जाने पर भुगतान हो जाएगा, अब ऐसा नहीं हो रहा है। बैरिया के रामचंद्र ने बताया कि हमने अपनी बेटी की शादी के लिए कंपनी में पैसा जमा किया था। तीन साल से भुगतान के लिए दौड़ रहा हूं। रानीगंज के वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उसने अपना ऑपरेशन कराने के लिए पैसा जमा किया था। भुगतान नहीं हो रहा है।

गोपालपुर निवासी सीमा तिवारी के पिता गोपाल तिवारी अपने पुत्री की शादी के लिए पैसा जमा किया था। गोपाल तिवारी की भुगतान की आस में मौत हो गई। अब उनकी पुत्री सीमा भुगतान के लिए कार्यालय का चक्कर लगा रही हैं। रामपुर निवासी शिवदयाल पांडेय मकान बनवाने के लिए पैसा जमा किए थे। भुगतान नहीं होने से मकान बनाने का मामला अधर में लटका हुआ है। इसी तरह सैकड़ों लोगों ने भुगतान नहीं होने के चलते अपने हुए नुकसान को बताया। अभिकर्ताओं का कहना है कि कंपनी भुगतान नहीं कर रही है। सरकार को कंपनी की सम्प्पति बेचकर हम लोगों का भुगतान करना चाहिए। बैठक में विनोद सिंह, अजब नरायण सिंह, भूपेंद्र तिवारी, बरमेश्वर यादव, सन्तोष वर्मा, राधेश्याम सिंह, हरेराम केसरी, राजकुमार यादव, अजय शर्मा, जीएन सिंह सहित दर्जनों लोगों ने अपने विचार रखे। कंपनी के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने की घोषणा की।





Source link

Advertisement
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

POPULAR POST

- Advertisment -