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Chandra Grahan timing in Gaya: जानिए गया में किस समय रहेगा चंद्र ग्रहण का प्रभाव, करें इस मंत्र का जाप


रिपोर्ट- कुंदन कुमार

गया: 
कार्तिक पूर्णिमा यानि मंगलवार को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगेगा और ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के समय कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है. कहा जा रहा है इस बार भारत में यह पूर्ण चंद्र ग्रहण देश के पूर्वी भागों में और आंशिक ग्रहण शेष राज्यों में नजर आएगा. भारत में चंद्र ग्रहण नजर आने के कारण सूतक काल मान्य होगा. जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तब चंद्र ग्रहण लगता है.

बिहार के गया में चंद्र ग्रहण शाम 5:03 मिनट से शुरू होकर शाम के 06:19 मिनट पर समाप्त होगा. चंद्र ग्रहण को लेकर सुबह 08:28 से सूतक शुरू हो जाएगा. ग्रहण से 9 घंटा पूर्व सूतक काल शुरू हो जाता है. मंदिर तथा देवालयों के कपाट प्रातः 8:28 से ग्रहण के सूतक से पूर्व काल शाम को 6:18 बजे तक बंद रहेंगे. इसलिये कार्तिक माह की कथाओं और यज्ञ अनुष्ठानों का समापन भोग मंगलवार 8 को प्रातः 8:28 से पूर्व होगा.

गया में 1 घंटे 16 मिनट तक लगेगा चंद्र ग्रहण
पंडित राजा आचार्या ने न्यूज 18 लोकल से बात करते हुए बताया कि गया तीर्थ क्षेत्र में चंद्र ग्रहण का समय सायं 05: 03 मिनट से आरंभ होकर सायं 06:19 मिनट पर समाप्त होगा. इस बार का खग्रास चंद्र ग्रहण भरणी नक्षत्र मेष राशि पर आएगा. मेष राशि वाले जातक को विशेष कर दान धर्म जप पाठ अनुष्ठान करना होगा.

सूतक काल में क्या करें क्या न करें
ग्रहण के सूतक काल के दौरान जितना सम्भव हो कम बोलें और भगवान की भक्ति में अपना मन लगाएं. भगवान का ध्यान करें, उनकी स्तुति करें, सूतक काल के दौरान ग्रहण से संबंधित ग्रह की शांति के लिए सूक्त पाठ करे, पाठ करें, और मंत्रों का जप करें. सूतक काल के समय जितना सम्भव हो योग और ध्यान करें. ऐसा करने से मानसिक शक्ति का विकास होगा और आप खुद को और अपने परिवार को ग्रहण के दुष्प्रभाव से भी बचा सकेंगे.

गर्भ में पल रहे बच्चे पर ग्रहण की न पड़ने दें छाया
सूतक काल में भोजन नहीं बनाएं और अगर खाना बना लिया है तो उसमें दर्भ (कुश) या तुलसी के पत्ते डालकर रख दें. चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्र के मंत्रों का जप करें और स-परिवार स्पष्ट उच्चारण पूर्वक जप करें. जब सूतक काल समाप्त हो जाए तो घर को साफ करें, दोबारा स्नान कर पूजा पाठ करें. ग्रहण समाप्त होने पर घर पर और पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें और घर को शुद्ध करें. साथ ही सूतक काल में किसी भी गर्भवती महिला को घर से बाहर बिल्कुल भी नहीं जाना चाहिए. ग्रहण की छाया मातृ गर्भ में पल रहे शिशु पर न पड़े. शास्त्रों के अनुसार सूतक काल में दांतों की सफाई और बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए. सूतक काल चल रहा हो तो सोने से बचें.

चंद्र ग्रहण के दौरान गायत्री मंत्र का जाप होता है शुभ
पंडित राजा आचार्य ने बताया कि धार्मिक दृष्टि से सूतक काल में किसी भी मूर्ति को छूना अत्यंत अशुभ माना जाता है. इस दौरान काम या क्रोध जैसे नकारात्मक विचारों को अपने मन में घर न आने दें. साथ ही इस समय अवधि के दौरान मल, मूत्र और शौच जैसे कार्य करना भी वर्जित है. इस दौरान चाकू और कैंची जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल करना भी मना है. चंद्र ग्रहण के दौरान गायत्री मंत्र या इष्ट देवता का मंत्र का जाप करना शुभ होता है. वहीं ग्रहण के बाद शालिग्राम पर जल चढ़ा कर अभिषेक करे.

सूतक काल में नहीं करना चाहिए शुभ कार्य
ग्रहण लगने से पहले की समय अवधि को अशुभ माना जाता है और इसे ही सूतक कहते हैं. इस समय अवधि में किसी भी तरह का कोई भी शुभ काम या मांगलिक कार्य नहीं किया जाना चाहिए. कहते हैं यदि इस सूतक काल के दौरान व्यक्ति कोई भी शुभ कार्य करता है, या नया काम शुरू करता है, या मांगलिक कार्य करता है, तो उसे शुभ फल की जगह अशुभ फल की प्राप्ति होती है.

ग्रहण के सूतक काल में किसी भी तरह का हो शुभ कार्य करने का निषेध होता है. सूर्य ग्रहण घटित होने से ठीक 12 घंटे पहले से उसका सूतक काल शुरू हो जाता है और सूतक काल ग्रहण समाप्त होने के बाद समाप्त होता है. इसी तरह जब चंद्र ग्रहण के सूतक काल की बात करते हैं तो चंद्र ग्रहण का सूतक चंद्र ग्रहण शुरू होने से ठीक 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है और चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद तक समाप्त हो जाता है.

इस मंत्र का जप करें
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, मंत्र का जाप करें इससे चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभावों का असर नहीं पड़ेगा, ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि तन्नो चन्द्रः प्रचोदयात्.

Tags: Bihar News, Chandra Grahan, Gaya news



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