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Chandra Grahan 2022: मिथिलांचल में 1 घंटा 21 मिनट का चंद्रग्रहण, क्या होंगे ग्रहण के प्रभाव


रिपोर्ट : अभिनव कुमार

दरभंगा. इस साल कार्तिक महीने में दो ग्रहण लगा. इसमें एक सूर्यग्रहण था, जो दीपावली के दौरान लगा और दूसरा चंद्रग्रहण के रूप में 8 नवंबर को लगने जा रहा है. ज्योतिषाचार्य पंडित नीलांबर चौधरी ने बताया कि चंद्रग्रहण का मिथिलांचल में लगभग डेढ़ घंटे का प्रभाव दिखेगा. मिथिला विश्वविद्यालय के पंचांग के अनुसार यह चंद्रग्रहण शाम 4:59 पर प्रारंभ हो जाएगा और मुक्तकाल (समाप्ति) 6:20 पर होगा. पूरे मिथिलांचल में यह चंद्रग्रहण कुल 1 घंटा 21 मिनट के लिए लगेगा.

ज्योतिषाचार्य पंडित नीलांबर चौधरी ने बताया कि इसका प्रभाव विभिन्न राशियों के लोगों के लिए अलग अलग होता है. 12 प्रकार की राशियां होती हैं. उन 12 राशियों में खास कर मिथुन राशि, कर्क राशि, वृश्चिक राशि और मकर राशि वालों के लिए यह चंद्रग्रहण सामान्य और लाभप्रद रहेगा. वहीं अगर बात करें बाकी 8 राशियों की तो उन सभी राशि के लोगों के लिए यह चंद्रग्रहण शुभ नहीं माना जा रहा है.

दुष्प्रभाव से बचने के उपाय

जिन राशियों के लिए यह चंद्रग्रहण शुभ नहीं है, वे उस समय चंद्रग्रहण का दर्शन न करें. चंद्रमा को देखने से बचें. उस समय के चंद्रप्रकाश के सामने नहीं आएं. वैसे प्रकाश तो सभी जगह होती है, लेकिन उस प्रकाश से बच कर रहना है. जिससे कि चंद्रग्रहण का प्रभाव कम होगा उन राशियों पर.

9 घंटा पहले सूतककाल

किसी भी ग्रहण से पहले सूतक काल लगता है. सूर्यग्रहण में पूरा या 12 घंटे पहले सूतककाल लगता है. लेकिन वहीं अगर बात करें चंद्रग्रहण की तो इसमें 9 घंटा पहले सूतककाल माना जाता है. बहुत जगहों पर जैसे दक्षिण भारत के बड़े-बड़े मंदिरों में सूतक के प्रभाव में आते ही कपाट बंद कर दिए जाते हैं. लेकिन अगर हम बात करें मिथिलांचल की तो यहां पर ऐसी कोई मान्यता नहीं है. कहीं के मंदिर के कपाट बंद भी होते हैं, तो कहीं नहीं भी किए जाते हैं. सूतककाल के दौरान मंदिरों में मूर्ति सपोर्ट और पूजा पाठ नहीं करनी चाहिए. आप अपने घरों में बैठकर व्यक्तिगत पूजा-अर्चना और भगवती ध्यान में लीन रहें.

ये दान करना चाहिए

चंद्रग्रहण के दौरान जिन राशियों पर दुष्प्रभाव ज्यादा पड़ता है, उस राशि के लोगों को चंद्रग्रहण के उपरांत सबसे पहले स्नान करना चाहिए. हो सके तो गंगा स्नान अत्यधिक पवित्र माना जाता है. अगर वैसी सुविधा नहीं है तो आसपास की नदी या तालाब में स्नान करने चाहिए. अगर वह भी सुविधा आपके आसपास उपलब्ध नहीं है, तो घर में जिस जल से स्नान कर रहे हैं, उसमें थोड़ा मात्रा में गंगा जल मिलाकर स्नान करें. वही स्नान के बाद गरीब और असहाय लोगों के बीच वस्त्र व अन्न दान करें. धातु दान करने से चंद्रग्रहण का प्रभाव आपके ऊपर कम पड़ेगा.

Tags: Bihar News, Darbhanga news, Lunar eclipse



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