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Begusarai News: बेगूसराय के इस स्कूल में 5वीं कक्षा की छात्रा गढ़ रही है 55 बच्चों का भविष्य! पढ़िए रिपोर्ट


रिपोर्ट: नीरज कुमार

बेगूसराय: देश में जब शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू हुआ तो 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिये यह मौलिक अधिकार बन गया. इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिये केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इसके बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में चुनौतियों का अंबार लगा है तथा ऐसे उपायों की तलाश लगातार जारी रहती है. दरअसल, ऐसा कहने का उद्देश यह है कि बिहार के बेगूसराय जिले के नगर निगम वार्ड संख्या-17 में प्राथमिक विद्यालय में 6 वर्ष से 14 वर्ष आयु के 120 बच्चों का नामांकन है. लेकिन शिक्षकों के अभाव में यहां शिक्षा प्राप्त करने के लिए आने वाली छात्रा खुद अपने जूनियर साथियों के लिए शिक्षिका बन उनके हौसलों के उड़ान भरने में सहायता कर रही है. क्योंकि सरकार इनके विद्यालय में शिक्षकों की कमी को पूरा करने में विफल दिख रही है.

संसाधन व शिक्षकों की कमी से जूझ रहा स्कूल
बेगूसराय जिला मुख्यालय से महज 5 किमी दूर नगर निगम वार्ड संख्या-17 के प्राथमिक विद्यालय पत्तापुर में पढ़ने वाले नौनिहालों का वर्ग पंचम की छात्रा कुसुम कुमारी भविष्य गढ़ने में जुटी हुई है. कुसुम अपने जूनियर वर्ग प्रथम से तीसरे तक के लगभग 55 छात्रों को इन दिनों पढ़ा रही है. घर से कॉपी किताब लेकर पढ़ने रोजाना आ रही. कुसुम को राज्य सरकार की शिक्षा प्रणाली और उसके रूप रेखा का कोई फयदा नहीं मिल रहा है.

या यूं कहें कि इनके विद्यालय तक सरकार के द्वारा प्रदान संसाधन नहीं पहुंच पाई, जिसके कारण खुद नहीं पढ़ पा रही है. इस स्कूल में मात्र दो शिक्षक पद स्थापित हैं. जिसमें सुनीता कुमारी और सोनम कुमारी सभी वर्गो के बच्चे को पढ़ाने में असमर्थ हैं. कुसुम बताती हैं कि मैडम के कहने पर कक्षा-1 से 3 तक के छात्रों को पढ़ाते हैं.

कई बार ग्रामीण उठा चुके है आवाज
विभागीय उपेक्षा को लेकर ग्रामीण शिवचंद्र शर्मा, विश्वनाथशर्मा, श्रीनिवास शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया डीएम से लेकर डीईओ तक लगा चुके हैं गुहार, लेकिन कोई नहीं सुन रहा है. इस विद्यालय में सिर्फ शिक्षक की कमी नहीं है बल्कि छत टूटकर गिर रहा है. चापाकल का हैंडिल गायब है. दरवाजा एवं खिड़की को असामाजिक तत्वों ने उखाड़ ले भागा है. यहां की बेपटरी शिक्षा व्यवस्था को लेकर

ग्रामीणों ने 10 अक्टूबर-2022 को डीएम रोशन कुशवाहा एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी शर्मिला राय को लिखित रूप से आवेदन दिया था. इसके बावजूद किसी भी पदाधिकारी द्वारा विद्यालय का निरीक्षण नहीं किया गया.

स्कूल में शिक्षक की भी कमी है. इसको लेकर लिखित शिकायत की गई. इस प्रकार विभागीय उपेक्षा को लेकर ग्रामीण शिवचंद्र शर्मा, विश्वनाथशर्मा, श्रीनिवास शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिला. जबकि मानव संसाधन के विकास का मूल शिक्षा है जो देश के सामाजिक-आर्थिक तंत्र के संतुलन में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

Tags: Begusarai news, Bihar Government, CM Nitish Kumar, Government primary schools, School news



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