HomeBahraichBahraich - विप्र धेनु सुर संत हित लीन मनुज अवतार...

Bahraich – विप्र धेनु सुर संत हित लीन मनुज अवतार…


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बहराइच। पांडव कालीन श्री सिद्धनाथ मंदिर में भक्ति और ज्ञान की गंगा बह रही है। यहां कथा व्यास की भूमिका में श्री सिद्धनाथ पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा रवि गिरी जी महाराज हैं। उनकी अमृतवाणी सुनने के लिए शहर से भारी तादाद में महिला और पुरुष पहुंच रहे हैं।
श्रोताओं से खचाखच भरे हाल में कथा व्यास पूज्य गुरुदेव श्री सिद्धनाथ पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर (जूना अखाड़ा) अनंत श्री विभूषित श्रीश्री 1008 स्वामी रवि गिरी महाराज ने शुक्रवार को कहा कि विप्र धेनु सुर संत एवं जगत के कल्याण हेतु ही भगवान का अवतार होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करना अति लाभकारी सिद्ध होता है। इस दौरान जहां कथा व्यास ने सुंदर भजन के माध्यम से बड़ी ही रोचक प्रसंग के साथ कथा श्रवण कराई। उन्होंने कहा कि भगवान दिखावे के नहीं सच्ची भक्ति को पसंद करते हैं उन्होंने कहा कि ईश्वर भक्ति के साथ-साथ व्यक्ति को अपने कर्म को भी महत्व देना चाहिए।
कथा व्यास रवि गिरी जी महाराज ने कहा कि यदि पिता अपने पुत्रों को उचित शिक्षा ना दे वह केवल भक्ति में ही ले रहे या मां बच्चों का पालन पोषण से मुंह मोड़ ले और केवल भक्ति में ही लीन रहे तो इससे भगवान प्रसन्न नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु ने जिसे जो काम सौंपा है उसे पूरी निष्ठा और लगन के साथ करें इसके बाद बचे हुए समय में ईश्वर का भजन करें और भक्ति पूर्वक उनका स्मरण करें ऐसे ही व्यक्तियों का प्रभु कल्याण करते हैं। उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा करने को भी ईश्वर की भक्ति बताया। उन्होंने कहा कि जिस कार्य में आत्म संतुष्टि हो वही सच्ची पूजा होती है। अपने इन वाक्यों को तार्किक रूप से सिद्ध करने के लिए कथा व्यास रवि गिरी जी महाराज ने अनेक धार्मिक प्रसंग सुनाए जिसे सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।

बहराइच। पांडव कालीन श्री सिद्धनाथ मंदिर में भक्ति और ज्ञान की गंगा बह रही है। यहां कथा व्यास की भूमिका में श्री सिद्धनाथ पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा रवि गिरी जी महाराज हैं। उनकी अमृतवाणी सुनने के लिए शहर से भारी तादाद में महिला और पुरुष पहुंच रहे हैं।

श्रोताओं से खचाखच भरे हाल में कथा व्यास पूज्य गुरुदेव श्री सिद्धनाथ पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर (जूना अखाड़ा) अनंत श्री विभूषित श्रीश्री 1008 स्वामी रवि गिरी महाराज ने शुक्रवार को कहा कि विप्र धेनु सुर संत एवं जगत के कल्याण हेतु ही भगवान का अवतार होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करना अति लाभकारी सिद्ध होता है। इस दौरान जहां कथा व्यास ने सुंदर भजन के माध्यम से बड़ी ही रोचक प्रसंग के साथ कथा श्रवण कराई। उन्होंने कहा कि भगवान दिखावे के नहीं सच्ची भक्ति को पसंद करते हैं उन्होंने कहा कि ईश्वर भक्ति के साथ-साथ व्यक्ति को अपने कर्म को भी महत्व देना चाहिए।

कथा व्यास रवि गिरी जी महाराज ने कहा कि यदि पिता अपने पुत्रों को उचित शिक्षा ना दे वह केवल भक्ति में ही ले रहे या मां बच्चों का पालन पोषण से मुंह मोड़ ले और केवल भक्ति में ही लीन रहे तो इससे भगवान प्रसन्न नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु ने जिसे जो काम सौंपा है उसे पूरी निष्ठा और लगन के साथ करें इसके बाद बचे हुए समय में ईश्वर का भजन करें और भक्ति पूर्वक उनका स्मरण करें ऐसे ही व्यक्तियों का प्रभु कल्याण करते हैं। उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा करने को भी ईश्वर की भक्ति बताया। उन्होंने कहा कि जिस कार्य में आत्म संतुष्टि हो वही सच्ची पूजा होती है। अपने इन वाक्यों को तार्किक रूप से सिद्ध करने के लिए कथा व्यास रवि गिरी जी महाराज ने अनेक धार्मिक प्रसंग सुनाए जिसे सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।





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