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शहर-शहर हवा में जहर: बिहार के इस इलाके में जहरीली हुई हवा, अस्पतालों में बढ़ गए 20 फीसदी सांस के रोगी


हाइलाइट्स

गोपालगंज में एनएच-27 के निर्माण में नियमों की अनदेखी पड़ रही है भारी
अब मरीजों की परेशानी को देख डॉक्टर दे रहे हैं मास्क पहनने की सलाह

रिपोर्ट- गोविंद कुमार 

गोपालगंज. देश के बड़े शहरों की तर्ज पर गोपालगंज की हवा जहरीली होने लगी है. हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति तक पहुंचने लगा है. लिहाजा इसका सीधा असर सांस के मरीजों पर पड़ने लगा है. प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर डॉक्टरों ने भी चिंता जताई है. चिंता इसलिए भी लाजमी है कि छोटे से शहर में कल-कारखाना नहीं होने के बावजूद प्रदूषण का स्तर बड़े शहरों की तर्ज पर क्यों बढ़ने लगा है.

गोपालगंज में गुरुवार की सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 तक पहुंच चुका था, जो कि खराब स्थिति का संकेत देता है. सामान्यत: एयर क्वालिटी इंडेक्स 50 से 100 के बीच होना चाहिए. पिछले एक नवंबर से लगातार एक्यूआइ खराब स्थिति में चल रहा है. एक्यूआइ खतरे के निशान पर आने से लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन होने के साथ संक्रमण का खतरा बढ़ने लगता है. मौसम में बदलाव के साथ गिर रहे तापमान के कारण शहर समेत कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है.

जानें क्या है वायु प्रदूषण फैलने का मुख्य कारण

वायु प्रदूषण फैलने का मुख्य कारण कूड़ा-कचरा से निकला धुंआ और एनएच-27 के निर्माण में नियमों की अनदेखी करना है. प्रदूषण के कारण स्ट्रोक, फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग और स्किन संबंधी परेशानी हो होने लगी है. वहीं दूसरी तरफ सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में नवंबर महीने में 20 फीसदी सांस के मरीज बढ़े हैं. अब जरूरत है प्रदूषण की मात्रा को कम करने की, ताकि बीमारियां कम हो सके.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ डॉक्टर

मॉडल सदर अस्पताल के फिजिशियन डॉ सनाउल मुस्तफा का कहना है कि हवा की सेहत खराब होने के कारण सांस और अस्थमा के रोगियों की मुश्किलें बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि इस मौसम में सांस के रोगियों को घर से बाहर कम से कम निकलना चाहिए. कोई भी परेशानी होने पर पंजीकृत चिकित्सक से परामर्श के बाद दवा लें. साथ ही मास्क का प्रयोग जरूर करें.

आप ऐसे समझ सकते हैं हालात

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 0 से 50 के बीच एक्यूआइ को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 को ‘मीडियम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है. फिलहाल गोपालगंज मीडियम से खराब श्रेणी में पहुंच चुका है. इससे आप गोपालगंज के वायु प्रदूषण का अंदाजा लगा सकते हैं.

Tags: AQI, Bihar News, Gopalganj news



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