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Saryu Furious, Water Level Above Danger Point – सरयू उग्र, जलस्तर खतरा बिंदु के ऊपर



ोहरीघाट में बढ़ा सरयू नदी का जलस्तर।संवाद
– फोटो : MAU

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मऊ/दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से ऊपर बह रहा है। नदी के तेवर को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। बंधों के सभी रेग्यूलेटर बंद कर दिए गए हैं और बाढ़ चौकियों पर राजस्वकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। 24 घंटे में जलस्तर में 35 सेमी वृद्धि दर्ज की गई। भारत माता मंदिर के पास तेज बहाव से 10 से अधिक ठोकर बह गए हैं। तटवर्ती इलाकों में घुसने से हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। नदी की लहरें भारतमाता मंदिर की दीवारों पर टक्कर मार रही हैं। इससे डाक बंगला, खाकी बाबा की कुटी, मुक्तिधाम सहित तमाम ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर 70.45मीटर रहा। जबकि सोमवार को 70.10 मीटर रहा। नदी खतरा बिंदु से 55 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नवली, चिऊटीडाड़, रामपुर, बीबीपुर सभी रेगुलेटर को बंद करा दिया है। पानी के दबाव से भारत माता मंदिर की सुरक्षा में लगाए गए बोल्डर खिसकने लगे हैं। श्मशान घाट के दक्षिण सुरक्ष्द्वा में बनाए गए अधिकांश ठोकर बह गए हैं। धनौली तक 250 पिचिंग कार्य क्षतिग्रस्त हो गया है। नदी के बाढ़ का पानी रामपुर धनौली, नई बाजार, नवली, बहादुरपुर, पतनई, सरयां, गोधनी, ठाकुर गांव ,बीवीपुर,जमीरा चौराडीह, कोरौली, बेलौली, पाऊस, ठिकरहिया, महुआबारी, रसूलपुर,सूरजपुर सहित तमाम तटवर्ती इलाकों में घुस जाने से हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने पर्याप्त नाव की व्यवस्था नहीं की है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान ने बताया कि नदी के तेज बहाव से कोई नुकसान नहीं हुआ है। दोहरीघाट : नदी के तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए तहसीलदार घोसी उमेश कुमार सिंह ने बताया कि आपातकाल से निपटने के लिए प्रशिक्षित नाविकों और नावों की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों को चिह्नित किया गया है। रामनगर, गौरी शंकर घाट, बीबीपुर में बाढ़ चौकी बनाई गई है। दुबारी : नदी जलस्तर बढ़ने से गांवों के संपर्क मार्गों पर भी पानी हिलोरे ले रहा। 20 किमी एरिया की हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने से पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। मंगलवार को परसिया जयराम गिरी हाहा नाला रेगुलेटर पर जलस्तर 65.90 मीटर रहा। सूरजपुर : लगातार जलस्तर बढ़ने से मोर्चा, रसूलपुर, आश्रम, बैदापुर प्राथमिक विद्यालय सहित कई जगहों पर जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। पशुओं को लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुुटे रहे। पानी से किसान कन्हैया, अनिल, सतीश, अशोक, सुभाष समेत 12 किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं।

हादसे को न्योता:एक डोर के सहारे दर्जनों जिंदगी: तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद भी नगर के हनुमान घा

हादसे को न्योता:एक डोर के सहारे दर्जनों जिंदगी: तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद भी नगर के हनुमान घा– फोटो : MAU

मऊ/दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से ऊपर बह रहा है। नदी के तेवर को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। बंधों के सभी रेग्यूलेटर बंद कर दिए गए हैं और बाढ़ चौकियों पर राजस्वकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। 24 घंटे में जलस्तर में 35 सेमी वृद्धि दर्ज की गई। भारत माता मंदिर के पास तेज बहाव से 10 से अधिक ठोकर बह गए हैं। तटवर्ती इलाकों में घुसने से हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। नदी की लहरें भारतमाता मंदिर की दीवारों पर टक्कर मार रही हैं। इससे डाक बंगला, खाकी बाबा की कुटी, मुक्तिधाम सहित तमाम ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर 70.45मीटर रहा। जबकि सोमवार को 70.10 मीटर रहा। नदी खतरा बिंदु से 55 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नवली, चिऊटीडाड़, रामपुर, बीबीपुर सभी रेगुलेटर को बंद करा दिया है। पानी के दबाव से भारत माता मंदिर की सुरक्षा में लगाए गए बोल्डर खिसकने लगे हैं। श्मशान घाट के दक्षिण सुरक्ष्द्वा में बनाए गए अधिकांश ठोकर बह गए हैं। धनौली तक 250 पिचिंग कार्य क्षतिग्रस्त हो गया है। नदी के बाढ़ का पानी रामपुर धनौली, नई बाजार, नवली, बहादुरपुर, पतनई, सरयां, गोधनी, ठाकुर गांव ,बीवीपुर,जमीरा चौराडीह, कोरौली, बेलौली, पाऊस, ठिकरहिया, महुआबारी, रसूलपुर,सूरजपुर सहित तमाम तटवर्ती इलाकों में घुस जाने से हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने पर्याप्त नाव की व्यवस्था नहीं की है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान ने बताया कि नदी के तेज बहाव से कोई नुकसान नहीं हुआ है। दोहरीघाट : नदी के तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए तहसीलदार घोसी उमेश कुमार सिंह ने बताया कि आपातकाल से निपटने के लिए प्रशिक्षित नाविकों और नावों की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों को चिह्नित किया गया है। रामनगर, गौरी शंकर घाट, बीबीपुर में बाढ़ चौकी बनाई गई है। दुबारी : नदी जलस्तर बढ़ने से गांवों के संपर्क मार्गों पर भी पानी हिलोरे ले रहा। 20 किमी एरिया की हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने से पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। मंगलवार को परसिया जयराम गिरी हाहा नाला रेगुलेटर पर जलस्तर 65.90 मीटर रहा। सूरजपुर : लगातार जलस्तर बढ़ने से मोर्चा, रसूलपुर, आश्रम, बैदापुर प्राथमिक विद्यालय सहित कई जगहों पर जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। पशुओं को लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुुटे रहे। पानी से किसान कन्हैया, अनिल, सतीश, अशोक, सुभाष समेत 12 किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं।

हादसे को न्योता:एक डोर के सहारे दर्जनों जिंदगी: तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद भी नगर के हनुमान घा

हादसे को न्योता:एक डोर के सहारे दर्जनों जिंदगी: तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद भी नगर के हनुमान घा– फोटो : MAU



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