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River,flud,119 Village – बाढ़ से घिरे 119 मजरों में तबाही शुरू, सड़क व खेतों में कटान


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नवाबगंज/करनैलगंज (गोंडा)। बैराजों से लगाता छोड़े जा रहे पानी के कारण जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। तरबगंज और नवाबगंज तहसील क्षेत्र के 20 गांवों के 119 मजरे बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गए हैं। नवाबगंज से लखनऊ हाईवे को जोड़ने वाले ढ़ेमवा घाट पुल के पास शुरू हुई तेज कटान से पुल के क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी बढ़ गया है। नदी के पानी का रुख लगातार अब गांवों की ओर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने निगरानी के साथ ही सतर्कता भी बढ़ा दी है। हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने भी मंगलवार को तरबगंज के गढ़ी व जरबनगर गांव का निरीक्षण कर प्रभावितों को राहत सामग्री का वितरण कराया।
नवाबगंज क्षेत्र में सड़क मार्ग पर तेजी से हो रही कटान से बचाव के लिए ग्रामीण रोड़े पत्थर व मिट्टी आदि डाल रहे हैं। संपर्क मार्ग पर हो रही कटान से ढेमवा घाट से होकर अयोध्या जाने वाले रास्ते का आवागमन भी बाधित हुआ है। लगातार बढ़ते पानी के जलस्तर के कारण ग्रामीणों ने गांव छोड़ कर सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन भी शुरू कर दिया है।
बाढ़ के पानी से सबसे ज्यादा नुकसान गांव ढेमवा घाट, दत्त नगर, गोकुला, साखीपुर तुलसीपुर माझा, माझाराठ, जैतपुर, दुल्लापुर, धूसवां, तुरकौली, बालापुर, कनकपुर, कटरा भोगचंद, खजुरिया, दुर्गा गंज मांझा, महेशपुर, वजीराबाद, टेढ़ीपुल, इस्माइलपुर, लोलपुर गांव क्षेत्रों को हुआ है। इन इलाकों के कई परिषदीय विद्यालयों में बाढ़ का पानी भर जाने से शिक्षण कार्य भी पूरी तरह बंद हो गया है।
शुरू हुई कटान, अब फसलों को नुकसान
मंगलवार दोपहर बाद से सरयू नदी के जलस्तर में कुछ कमी जरूरी दर्ज हुई लेकिन इसने तट वर्तीय इलाकों में कटान का खतरा बढ़ा दिया है। सरयू के पानी में गोंडा व बाराबंकी जिले की सरहद पर स्थित सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। कई गांव के संपर्क मार्गों के साथ खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है। केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के अनुसार सरयू नदी में गिरिजा, शारदा व सरयू तीनों बैराजों से छोड़े गए कुल 2.96 लाख क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज से मंगलवार शाम नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 66 सेंटीमीटर ऊपर था। इसमें राधे पुरवा, तीरथ राम पुरवा, पुहिन पुरवा, बसंत लाल पुरवा, मछारन पुरवा, संभर पुरवा, छंगूलाल पुरवा, देवकिशन पुरवा, खाले पुरवा एवं दुलारे पुरवा के सभी गांव व खेत जलमग्न हो गए हैं। एसडीएम व तहसीलदार ने बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण कर बचाव व राहत कार्यों का जायजा भी लिया।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण
जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने मंगलवार को तहसील तरबगंज के अंतर्गत ग्राम गढ़ी व ग्राम जबरनगर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर हालात का जायजा। उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उन्हें हो रही परेशानी के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही ग्राम गढ़ी व जबरनगर के ग्रामीणों को राहत सामग्री के बतौर तिरपाल, बिस्किट, केला सहित अन्य खाद्य सामग्री का वितरण भी किया। निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर राजस्व टीम के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारी भी नियमित तौर पर बराबर नजर रखते हुए इसकी अपडेट जानकारी मुख्यालय को भी दे।
बाढ़ के पानी में नहाना पड़ा भारी
बाढ़ के पानी में नहाना एक किशोर को भारी पड़ा। पैर फिसलने से वह गहरे पानी में डूबने लगा। साथी बच्चों के शोर मचाने पर गांव वालों ने किसी तरह उसे डूबने से बचाकर बाहर निकाला। नवाबगंज-ढेमवाघाट मार्ग पर दत्तनगर गांव में राय बहादुर सिंह के घर के पास सड़क पर बाढ़ का पानी भरा था । गांव के कई बच्चे इसमें नहा रहे थे। इसी दौरान गांव के प्रदीप सिंह के 14 वर्षीय पुत्र अतुल सिंह का पैर अचानक फिसलने से वह गहरे पानी में जाकर डूबने लगा। गांव वालों ने किसी तरह उसे डूबने से बचाकर बाहर इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

नवाबगंज/करनैलगंज (गोंडा)। बैराजों से लगाता छोड़े जा रहे पानी के कारण जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। तरबगंज और नवाबगंज तहसील क्षेत्र के 20 गांवों के 119 मजरे बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गए हैं। नवाबगंज से लखनऊ हाईवे को जोड़ने वाले ढ़ेमवा घाट पुल के पास शुरू हुई तेज कटान से पुल के क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी बढ़ गया है। नदी के पानी का रुख लगातार अब गांवों की ओर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने निगरानी के साथ ही सतर्कता भी बढ़ा दी है। हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने भी मंगलवार को तरबगंज के गढ़ी व जरबनगर गांव का निरीक्षण कर प्रभावितों को राहत सामग्री का वितरण कराया।

नवाबगंज क्षेत्र में सड़क मार्ग पर तेजी से हो रही कटान से बचाव के लिए ग्रामीण रोड़े पत्थर व मिट्टी आदि डाल रहे हैं। संपर्क मार्ग पर हो रही कटान से ढेमवा घाट से होकर अयोध्या जाने वाले रास्ते का आवागमन भी बाधित हुआ है। लगातार बढ़ते पानी के जलस्तर के कारण ग्रामीणों ने गांव छोड़ कर सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन भी शुरू कर दिया है।

बाढ़ के पानी से सबसे ज्यादा नुकसान गांव ढेमवा घाट, दत्त नगर, गोकुला, साखीपुर तुलसीपुर माझा, माझाराठ, जैतपुर, दुल्लापुर, धूसवां, तुरकौली, बालापुर, कनकपुर, कटरा भोगचंद, खजुरिया, दुर्गा गंज मांझा, महेशपुर, वजीराबाद, टेढ़ीपुल, इस्माइलपुर, लोलपुर गांव क्षेत्रों को हुआ है। इन इलाकों के कई परिषदीय विद्यालयों में बाढ़ का पानी भर जाने से शिक्षण कार्य भी पूरी तरह बंद हो गया है।

शुरू हुई कटान, अब फसलों को नुकसान

मंगलवार दोपहर बाद से सरयू नदी के जलस्तर में कुछ कमी जरूरी दर्ज हुई लेकिन इसने तट वर्तीय इलाकों में कटान का खतरा बढ़ा दिया है। सरयू के पानी में गोंडा व बाराबंकी जिले की सरहद पर स्थित सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। कई गांव के संपर्क मार्गों के साथ खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है। केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के अनुसार सरयू नदी में गिरिजा, शारदा व सरयू तीनों बैराजों से छोड़े गए कुल 2.96 लाख क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज से मंगलवार शाम नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 66 सेंटीमीटर ऊपर था। इसमें राधे पुरवा, तीरथ राम पुरवा, पुहिन पुरवा, बसंत लाल पुरवा, मछारन पुरवा, संभर पुरवा, छंगूलाल पुरवा, देवकिशन पुरवा, खाले पुरवा एवं दुलारे पुरवा के सभी गांव व खेत जलमग्न हो गए हैं। एसडीएम व तहसीलदार ने बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण कर बचाव व राहत कार्यों का जायजा भी लिया।

प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण

जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने मंगलवार को तहसील तरबगंज के अंतर्गत ग्राम गढ़ी व ग्राम जबरनगर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर हालात का जायजा। उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उन्हें हो रही परेशानी के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही ग्राम गढ़ी व जबरनगर के ग्रामीणों को राहत सामग्री के बतौर तिरपाल, बिस्किट, केला सहित अन्य खाद्य सामग्री का वितरण भी किया। निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर राजस्व टीम के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारी भी नियमित तौर पर बराबर नजर रखते हुए इसकी अपडेट जानकारी मुख्यालय को भी दे।

बाढ़ के पानी में नहाना पड़ा भारी

बाढ़ के पानी में नहाना एक किशोर को भारी पड़ा। पैर फिसलने से वह गहरे पानी में डूबने लगा। साथी बच्चों के शोर मचाने पर गांव वालों ने किसी तरह उसे डूबने से बचाकर बाहर निकाला। नवाबगंज-ढेमवाघाट मार्ग पर दत्तनगर गांव में राय बहादुर सिंह के घर के पास सड़क पर बाढ़ का पानी भरा था । गांव के कई बच्चे इसमें नहा रहे थे। इसी दौरान गांव के प्रदीप सिंह के 14 वर्षीय पुत्र अतुल सिंह का पैर अचानक फिसलने से वह गहरे पानी में जाकर डूबने लगा। गांव वालों ने किसी तरह उसे डूबने से बचाकर बाहर इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।



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