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Dm,visit,river,gonda,problem,flud,saru – बाढ़ संकट कम होने पर राहत पर जोर



फोटो-16-गोंडा के नवाबगंज में ढेमवाघाट मार्ग पर कटान का निरीक्षण करते डीएम। -संवाद
– फोटो : GONDA

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गोंडा। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ बाढ़ का संकट तो टलता दिख रहा है, लेकिन समस्याएं बरकरार हैं। तरबगंज क्षेत्र के 18 गांवों के 107 मजरों में अभी भी जलभराव होने से बाढ़ की स्थिति है। दस हजार के करीब की आबादी प्रभावित बताई जा रही है। शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने तरबगंज के ब्यौंदा माझा गांव में बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना। उन्होंने राहत सामग्री वितरित की। नदी से हो रहे नुकसान की जानकारी की। उन्होंने एसडीएम को लोगों के नुकसान का आकलन तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
सरयू नदी में बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर काफी बढ़ गया था। बीते दिनों से बाढ़ के फैलाव होने और बारिश कम होने से जलस्तर में कमी आनी शुरू हो गई है। मगर नदी के तटवर्ती गांवों में अभी कटान हो रहा है। डीएम ने शनिवार को कई गांवों में बाढ़ के स्थिति को देखा। उन्होंने राहत व बचाव कार्य पर जोर दिया। बाढ़ के समय से लगातार प्रशासन की बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण कर रहा है। बाढ़ से दोनों तहसीलों के 19 ग्रामों के 117 मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। तहसील तरबगंज के 18 ग्राम के 107 मजरे व तहसील करनैलगंज के एक ग्राम के पांच मजरे प्रभावित हुए थे। अधिकतर तरबगंज के गांवों में बाढ़ से लोग प्रभावित हैं। करनैलगंज में स्थिति बांध की स्थिति पर निर्भर बताई जा रही है।
बाढ़ के दौरान बंधों में रेनकट हो गए हैं। तहसील प्रशासन को पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के साथ राहत कार्य की निगरानी की जा रही है। समय-समय पर दोनों तहसीलों के एसडीएम से रिपोर्ट ली जा रही है। जिले के अधिकारी बराबर नजर बनाए हुए हैं और निरीक्षण कराए जा रहे हैं।

गोंडा। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ बाढ़ का संकट तो टलता दिख रहा है, लेकिन समस्याएं बरकरार हैं। तरबगंज क्षेत्र के 18 गांवों के 107 मजरों में अभी भी जलभराव होने से बाढ़ की स्थिति है। दस हजार के करीब की आबादी प्रभावित बताई जा रही है। शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने तरबगंज के ब्यौंदा माझा गांव में बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना। उन्होंने राहत सामग्री वितरित की। नदी से हो रहे नुकसान की जानकारी की। उन्होंने एसडीएम को लोगों के नुकसान का आकलन तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

सरयू नदी में बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर काफी बढ़ गया था। बीते दिनों से बाढ़ के फैलाव होने और बारिश कम होने से जलस्तर में कमी आनी शुरू हो गई है। मगर नदी के तटवर्ती गांवों में अभी कटान हो रहा है। डीएम ने शनिवार को कई गांवों में बाढ़ के स्थिति को देखा। उन्होंने राहत व बचाव कार्य पर जोर दिया। बाढ़ के समय से लगातार प्रशासन की बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण कर रहा है। बाढ़ से दोनों तहसीलों के 19 ग्रामों के 117 मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। तहसील तरबगंज के 18 ग्राम के 107 मजरे व तहसील करनैलगंज के एक ग्राम के पांच मजरे प्रभावित हुए थे। अधिकतर तरबगंज के गांवों में बाढ़ से लोग प्रभावित हैं। करनैलगंज में स्थिति बांध की स्थिति पर निर्भर बताई जा रही है।

बाढ़ के दौरान बंधों में रेनकट हो गए हैं। तहसील प्रशासन को पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के साथ राहत कार्य की निगरानी की जा रही है। समय-समय पर दोनों तहसीलों के एसडीएम से रिपोर्ट ली जा रही है। जिले के अधिकारी बराबर नजर बनाए हुए हैं और निरीक्षण कराए जा रहे हैं।



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