HomeBarabankiCng Gas - टिकैतनगर में कूड़ा निस्तारण के साथ बनेगी सीएनजी गैस

Cng Gas – टिकैतनगर में कूड़ा निस्तारण के साथ बनेगी सीएनजी गैस


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टिकैतनगर (बाराबंकी)। नगर पंचायत में कूड़ा निस्तारण के साथ सीएनजी गैस भी बनेगी। इसके लिए मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अब मशीनों का इंतजार है। सेंटर में इन मशीनों से गीले व सूखे कूड़े का अलग-अलग निस्तारण किया जाएगा। इससे नगर पंचायत की आय भी बढ़ेगी।
टिकैतनगर नगर पंचायत में 10 वार्ड हैं। यहां की आबादी करीब 15 हजार है। मौजूदा समय में नगर पंचायत के अलग-अलग वार्डों से करीब दो टन कचरा प्रतिदिन निकलता है। अभी तक नगर पंचायत का कचरा बारिनबाग रोड, दरियाबाद रोड समेत अन्य स्थानों पर सड़क किनारे डंप किया जा रहा था।
कचरे के निस्तारण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत मार्च-2020 में इसके लिए 41.60 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। नगर पंचायत प्रशासन ने गोपालपुर गांव के पास अपनी भूमि पर एमआरएफ सेंटर का निर्माण शुरू कराया गया था जो अब बनकर तैयार हो चुका है। यहां पर 16.97 लाख रुपये की मशीनें लगाई गई हैं।
यहां पर सीएंडडी वेस्ट (मकानों से निकला मलबा), प्लास्टिक, कागज, बॉटल, कांच व धातु आदि 13 तरह के कचरे का निस्तारण किया जाना है। गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी। प्रतिदिन करीब दो टन कचरे का निस्तारण एमआरएफ सेंटर में किया जाएगा। प्लास्टिक और लोहा समेत दूसरी धातुओं को अलग करके सीधे बाजार में बेचकर आय अर्जित की जाएगी।
शेष बचे गीले कूड़े से सेंटर पर ही खाद बनाकर किसानों को बेचने के साथ ही आगे सीएनजी गैस तैयार करवाने की योजना है। इससे नगर पंचायत की आय में भी बढ़ोतरी होगी। चेयरमैन जगदीश प्रसाद गुप्ता का कहना है कि एमआरएफ सेंटर बनकर तैयार हो गया है। यहां पर लगने वाली मशीनें भी आ चुकी हैं और बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया है। कनेक्शन मिलते ही मशीनें चालू हो जाएंगी। इससे नगर वासियों को कचरे से मुक्ति मिल जाएगी।

टिकैतनगर (बाराबंकी)। नगर पंचायत में कूड़ा निस्तारण के साथ सीएनजी गैस भी बनेगी। इसके लिए मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अब मशीनों का इंतजार है। सेंटर में इन मशीनों से गीले व सूखे कूड़े का अलग-अलग निस्तारण किया जाएगा। इससे नगर पंचायत की आय भी बढ़ेगी।

टिकैतनगर नगर पंचायत में 10 वार्ड हैं। यहां की आबादी करीब 15 हजार है। मौजूदा समय में नगर पंचायत के अलग-अलग वार्डों से करीब दो टन कचरा प्रतिदिन निकलता है। अभी तक नगर पंचायत का कचरा बारिनबाग रोड, दरियाबाद रोड समेत अन्य स्थानों पर सड़क किनारे डंप किया जा रहा था।

कचरे के निस्तारण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत मार्च-2020 में इसके लिए 41.60 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। नगर पंचायत प्रशासन ने गोपालपुर गांव के पास अपनी भूमि पर एमआरएफ सेंटर का निर्माण शुरू कराया गया था जो अब बनकर तैयार हो चुका है। यहां पर 16.97 लाख रुपये की मशीनें लगाई गई हैं।

यहां पर सीएंडडी वेस्ट (मकानों से निकला मलबा), प्लास्टिक, कागज, बॉटल, कांच व धातु आदि 13 तरह के कचरे का निस्तारण किया जाना है। गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी। प्रतिदिन करीब दो टन कचरे का निस्तारण एमआरएफ सेंटर में किया जाएगा। प्लास्टिक और लोहा समेत दूसरी धातुओं को अलग करके सीधे बाजार में बेचकर आय अर्जित की जाएगी।

शेष बचे गीले कूड़े से सेंटर पर ही खाद बनाकर किसानों को बेचने के साथ ही आगे सीएनजी गैस तैयार करवाने की योजना है। इससे नगर पंचायत की आय में भी बढ़ोतरी होगी। चेयरमैन जगदीश प्रसाद गुप्ता का कहना है कि एमआरएफ सेंटर बनकर तैयार हो गया है। यहां पर लगने वाली मशीनें भी आ चुकी हैं और बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया है। कनेक्शन मिलते ही मशीनें चालू हो जाएंगी। इससे नगर वासियों को कचरे से मुक्ति मिल जाएगी।



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