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Bloody Clash Between Two Groups Over Illegal Farming On Forest Land In Shivpuri One Shot Dead – Shivpuri: वन भूमि पर अवैध खेती को लेकर दो गुटों में खूनी संघर्ष, विवाद में एक की गोली लगने से मौत, सात घायल


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शिवपुरी जिले के नरवर तहसील के शेरगढ़ गांव में वन भूमि पर अवैध खेती को लेकर बुधवार को दो गुटों में झगड़ा हो गया। झगड़ें ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। विवाद में एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहा हैं।

जानकारी के अनुसार शेरगढ़ गांव के लालसिंह पाल (50) पुत्र चन्नूराम पाल पर बुधवार को दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठियों से हमला कर दिया और गोली मार दी। लाठियों से हमला और जांघ में गोली लगने से गंभीर घायल लाखनसिंह को नरवर अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। ग्वालियर पहुंचने से पहले रास्ते में ही लालसिंह की मौत हो गई। हमले में मृतक पक्ष के केदार बघेल, शिशुपाल बघेल, साहब सिंह बघेल, सुरेश बघेल, मलखान बघेल और रामहेत रजक घायल हुए हैं। मृतक पक्ष ने मामले पर पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, शिकायत पर समय रहते कार्रवाई होने से खूनी संघर्ष न होने की बात भी कही है।

वहीं, दूसरे पक्ष से घायल पंजाब सिंह गुर्जर और एवरन सिंह गुर्जर को इलाज के लिए जिला अस्पताल शिवपुरी में भर्ती किया गया है। लालसिंह ने मृत्युपूर्व बयान दिए जिसमें 13 लोगों के नाम बताए लेकिन पुलिस ने नाथूसिंह पुत्र गुलाब सिंह और जीतू गुर्जर को शामिल नहीं किया। इसे लेकर लोग नाराज हो गए और शाम 4 बजे नरवर थाने पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया। बाद में एसपी राजेश सिंह चंदेल को मौके पर जाना पड़ा। वहीं दूसरी ओर वन विभाग के डिप्टी रेंजर सतीश मौर्य का कहना है कि लालसिंह द्वारा दो सप्ताह पहले किराए का ट्रैक्टर ले जाकर वन भूमि जोती जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर पहुंचे तो ट्रैक्टर छोड़कर चालक भाग गया। हम ट्रैक्टर ले आए थे। बाद में यह लोग हमें मिले और पूछने लगे कि आपसे किसने शिकायत की थी। लेकिन हमने अपने सूत्रों के नाम नहीं बताए। लालसिंह की शिकायत पर गुर्जर पक्ष के लोगों के खिलाफ हमने पीआर काट दी थी। उनके द्वारा 10-15 साल से वनभूमि में खेती की जा रही है।

झगड़े में एक गोली मारे जाने के बाद विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया। शेरगढ़ गांव में सुबह हमले का लाइव वीडियो सामने आया है। दूसरे पक्ष के लोग मृतक पक्ष के घर आ धमके और लाठियों से हमला कर दिया। हमले के दौरान अचानक कट्टे से गोली चली जो लालसिंह पाल की जांघ में जा घसी। परिवार की महिलाएं मदद करने आईं। गोली लगने से जमीन पर काफी खून फैल चुका था। लाला सिंह को जख्मी देख हमलावर मौके से भाग निकले।

मृतक पक्ष के विशाल बघेल का कहना है कि मृतक लालसिंह के खाते की 7 बीघा पर भी दूसरे पक्ष ने जबरदस्ती कब्जा कर लिया है। राजस्व विभाग में धारा 250 का दावा लगा है लेकिन आज तक प्रशासन ने सुनवाई नहीं की। दूसरा पक्ष वन विभाग की 500 बीघा से अधिक जमीन जोते हुए है। मृतक लालसिंह ने भी जमीन जोतने की कोशिश की थी। दूसरे पक्ष ने उनका ट्रैक्टर पकड़वा दिया था। लालसिंह ने खुद वन विभाग में शिकायत की थी लेकिन उन्होंने अवैध खेती पर कार्रवाई नहीं की। इसी कारण आज घटना हो गई और लालसिंह की हत्या कर दी।

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शिवपुरी जिले के नरवर तहसील के शेरगढ़ गांव में वन भूमि पर अवैध खेती को लेकर बुधवार को दो गुटों में झगड़ा हो गया। झगड़ें ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। विवाद में एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहा हैं।

जानकारी के अनुसार शेरगढ़ गांव के लालसिंह पाल (50) पुत्र चन्नूराम पाल पर बुधवार को दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठियों से हमला कर दिया और गोली मार दी। लाठियों से हमला और जांघ में गोली लगने से गंभीर घायल लाखनसिंह को नरवर अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। ग्वालियर पहुंचने से पहले रास्ते में ही लालसिंह की मौत हो गई। हमले में मृतक पक्ष के केदार बघेल, शिशुपाल बघेल, साहब सिंह बघेल, सुरेश बघेल, मलखान बघेल और रामहेत रजक घायल हुए हैं। मृतक पक्ष ने मामले पर पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, शिकायत पर समय रहते कार्रवाई होने से खूनी संघर्ष न होने की बात भी कही है।

वहीं, दूसरे पक्ष से घायल पंजाब सिंह गुर्जर और एवरन सिंह गुर्जर को इलाज के लिए जिला अस्पताल शिवपुरी में भर्ती किया गया है। लालसिंह ने मृत्युपूर्व बयान दिए जिसमें 13 लोगों के नाम बताए लेकिन पुलिस ने नाथूसिंह पुत्र गुलाब सिंह और जीतू गुर्जर को शामिल नहीं किया। इसे लेकर लोग नाराज हो गए और शाम 4 बजे नरवर थाने पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया। बाद में एसपी राजेश सिंह चंदेल को मौके पर जाना पड़ा। वहीं दूसरी ओर वन विभाग के डिप्टी रेंजर सतीश मौर्य का कहना है कि लालसिंह द्वारा दो सप्ताह पहले किराए का ट्रैक्टर ले जाकर वन भूमि जोती जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर पहुंचे तो ट्रैक्टर छोड़कर चालक भाग गया। हम ट्रैक्टर ले आए थे। बाद में यह लोग हमें मिले और पूछने लगे कि आपसे किसने शिकायत की थी। लेकिन हमने अपने सूत्रों के नाम नहीं बताए। लालसिंह की शिकायत पर गुर्जर पक्ष के लोगों के खिलाफ हमने पीआर काट दी थी। उनके द्वारा 10-15 साल से वनभूमि में खेती की जा रही है।

झगड़े में एक गोली मारे जाने के बाद विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया। शेरगढ़ गांव में सुबह हमले का लाइव वीडियो सामने आया है। दूसरे पक्ष के लोग मृतक पक्ष के घर आ धमके और लाठियों से हमला कर दिया। हमले के दौरान अचानक कट्टे से गोली चली जो लालसिंह पाल की जांघ में जा घसी। परिवार की महिलाएं मदद करने आईं। गोली लगने से जमीन पर काफी खून फैल चुका था। लाला सिंह को जख्मी देख हमलावर मौके से भाग निकले।

मृतक पक्ष के विशाल बघेल का कहना है कि मृतक लालसिंह के खाते की 7 बीघा पर भी दूसरे पक्ष ने जबरदस्ती कब्जा कर लिया है। राजस्व विभाग में धारा 250 का दावा लगा है लेकिन आज तक प्रशासन ने सुनवाई नहीं की। दूसरा पक्ष वन विभाग की 500 बीघा से अधिक जमीन जोते हुए है। मृतक लालसिंह ने भी जमीन जोतने की कोशिश की थी। दूसरे पक्ष ने उनका ट्रैक्टर पकड़वा दिया था। लालसिंह ने खुद वन विभाग में शिकायत की थी लेकिन उन्होंने अवैध खेती पर कार्रवाई नहीं की। इसी कारण आज घटना हो गई और लालसिंह की हत्या कर दी।



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