HomeBahraichBahraich - 1.82 करोड़ के चंदे से चल रहे शहर के तीन...

Bahraich – 1.82 करोड़ के चंदे से चल रहे शहर के तीन मदरसे


ख़बर सुनें

बहराइच। शहरी क्षेत्र में चल रहे तीन मदरसों का संचालन 1.82 करोड़ के आवामी चंदे से हो रहा है। इसमें सबसे ज्यादा चंदा सालाना एक करोड़ का चंदा काजीपुरा स्थित मदरसा नूरूल उलूम को मिल रहा है। मदरसा फंडिंग की यह जानकारी मंगलवार को एसडीएम की अगुवाई में हुए मदरसा सर्वे में निकल कर सामने आई।
शासन की ओर से गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के संचालन व फंडिंग के साथ ही वहां दी जा रही शैक्षिक गुणवत्ता परखने के लिए ही मदरसों के सर्वे का निर्देश दिया है। इसके तहत ही एसडीएम सदर सुभाष सिंह धामी व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी संजय मिश्रा की टीम मंगलवार सुबह काजीपुरा मोहल्ला स्थित मदरसा नूरुल उलूम पहुंची। टीम ने यहां दी जा रही शिक्षा, शिक्षण संसाधन व मदरसा संचालन के आय स्त्रोत से जुड़े मामले में जानकारी एकत्रित की। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने बताया कि सर्वे के दौरान मदरसा प्रबंधक काजी जुबेर ने बताया कि मदरसे में 950 बच्चें पढ़ाई कर रहे हैं। बताया कि मदरसे का संचालन प्रति वर्ष मिलने वाले एक करोड़ के आवामी चंदे से किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त टीम ने बंजारी मोड़ पर संचालित मदरसा हिदायतुल उलूम और गुदड़ी में चल रहे मदरसा जामिया उम्मे सलमा लिल बनाथ का भी सर्वे कर जरूरी जानकारी जुटायी। इस दौरान मदरसा हिदायतुल उलूम में 400 बच्चों का पंजीकरण मिला। संचालक ने बताया कि यह मदरसा भी प्रति वर्ष मिलने वाले 32 लाख के आवामी चंदे से चल रहा है। जबकि मदरसा जामिया उम्मे सलमा में 450 बच्चे पंजीकृत मिले। इस मदरसे के संचालन के लिए भी हर साल 50 लाख का आवामी चंदा मिलता है।
शासन के निर्देश पर मदरसों का सर्वे किया जा रहा है। अब तक आठ मदरसों का सर्वे किया गया है। सभी गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की सर्वे रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सर्वे पूर्ण होने के बाद तैयार रिपोर्टर उजागर तथ्यों के साथ शासन को भेजी जाएगी।
संजय मिश्रा, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी

बहराइच। शहरी क्षेत्र में चल रहे तीन मदरसों का संचालन 1.82 करोड़ के आवामी चंदे से हो रहा है। इसमें सबसे ज्यादा चंदा सालाना एक करोड़ का चंदा काजीपुरा स्थित मदरसा नूरूल उलूम को मिल रहा है। मदरसा फंडिंग की यह जानकारी मंगलवार को एसडीएम की अगुवाई में हुए मदरसा सर्वे में निकल कर सामने आई।

शासन की ओर से गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के संचालन व फंडिंग के साथ ही वहां दी जा रही शैक्षिक गुणवत्ता परखने के लिए ही मदरसों के सर्वे का निर्देश दिया है। इसके तहत ही एसडीएम सदर सुभाष सिंह धामी व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी संजय मिश्रा की टीम मंगलवार सुबह काजीपुरा मोहल्ला स्थित मदरसा नूरुल उलूम पहुंची। टीम ने यहां दी जा रही शिक्षा, शिक्षण संसाधन व मदरसा संचालन के आय स्त्रोत से जुड़े मामले में जानकारी एकत्रित की। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने बताया कि सर्वे के दौरान मदरसा प्रबंधक काजी जुबेर ने बताया कि मदरसे में 950 बच्चें पढ़ाई कर रहे हैं। बताया कि मदरसे का संचालन प्रति वर्ष मिलने वाले एक करोड़ के आवामी चंदे से किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त टीम ने बंजारी मोड़ पर संचालित मदरसा हिदायतुल उलूम और गुदड़ी में चल रहे मदरसा जामिया उम्मे सलमा लिल बनाथ का भी सर्वे कर जरूरी जानकारी जुटायी। इस दौरान मदरसा हिदायतुल उलूम में 400 बच्चों का पंजीकरण मिला। संचालक ने बताया कि यह मदरसा भी प्रति वर्ष मिलने वाले 32 लाख के आवामी चंदे से चल रहा है। जबकि मदरसा जामिया उम्मे सलमा में 450 बच्चे पंजीकृत मिले। इस मदरसे के संचालन के लिए भी हर साल 50 लाख का आवामी चंदा मिलता है।

शासन के निर्देश पर मदरसों का सर्वे किया जा रहा है। अब तक आठ मदरसों का सर्वे किया गया है। सभी गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की सर्वे रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सर्वे पूर्ण होने के बाद तैयार रिपोर्टर उजागर तथ्यों के साथ शासन को भेजी जाएगी।

संजय मिश्रा, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी



Source link

Advertisement
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

POPULAR POST

- Advertisment -