HomeBahraichBahraich - हिंसक जीव से संघर्ष में गई मादा तेंदुए की जान

Bahraich – हिंसक जीव से संघर्ष में गई मादा तेंदुए की जान


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गायघाट (बहराइच)। महबूबनगर जंगल से सटे खेत में मंगलवार को मादा तेंदुए का शव मिला। तेंदुए की उम्र 12 से 18 माह के बीच है। उसके गले पर चोट के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिंसक जीव के साथ संघर्ष के दौरान मौत की पुष्टि हुई है। हिंसक जीव कौन है, यह पता लगाने के लिए मौके पर मिले पदचिह्नों की जांच की जा रही है।
कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के महबूबनगर जंगल से सटे किसान वीरेंद्र वर्मा के खेत में मंगलवार की सुबह तेंदुए का शव मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी गई। इस पर वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थलीय निरीक्षण कर टीम शव को लेकर रेंज कार्यालय पहुंची। रेंज कार्यालय पर मिहींपुरवा के पशु चिकित्सक डॉ. विनोद भार्गव व कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में तैनात डॉ. दयाशंकर व डब्ल्यूटीआई के पशु चिकित्सक डॉ. खनिन चांगमई ने पोस्टमार्टम किया। डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिंसक जीव के साथ संघर्ष के दौरान चोट लगने से मौत की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
तेंदुए के शव के पास हिंसक जीव के पदचिह्न मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये दूसरे तेंदुए के पदचिह्न भी हो सकते हैं। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। दोनों में संघर्ष के दौरान एक की मौत हुई होगी। हालांकि, वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से सचेत रहने की अपील की है। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत है।
मृत तेंदुआ मादा है और उसकी उम्र 12 से 18 माह के बीच है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिंसक जीव के साथ संघर्ष की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों से सचेत रहने की अपील की गई है।
– आकाशदीप बधावन, डीएफओ, कतर्नियाघाट

गायघाट (बहराइच)। महबूबनगर जंगल से सटे खेत में मंगलवार को मादा तेंदुए का शव मिला। तेंदुए की उम्र 12 से 18 माह के बीच है। उसके गले पर चोट के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिंसक जीव के साथ संघर्ष के दौरान मौत की पुष्टि हुई है। हिंसक जीव कौन है, यह पता लगाने के लिए मौके पर मिले पदचिह्नों की जांच की जा रही है।

कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के महबूबनगर जंगल से सटे किसान वीरेंद्र वर्मा के खेत में मंगलवार की सुबह तेंदुए का शव मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी गई। इस पर वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थलीय निरीक्षण कर टीम शव को लेकर रेंज कार्यालय पहुंची। रेंज कार्यालय पर मिहींपुरवा के पशु चिकित्सक डॉ. विनोद भार्गव व कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में तैनात डॉ. दयाशंकर व डब्ल्यूटीआई के पशु चिकित्सक डॉ. खनिन चांगमई ने पोस्टमार्टम किया। डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिंसक जीव के साथ संघर्ष के दौरान चोट लगने से मौत की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

तेंदुए के शव के पास हिंसक जीव के पदचिह्न मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये दूसरे तेंदुए के पदचिह्न भी हो सकते हैं। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। दोनों में संघर्ष के दौरान एक की मौत हुई होगी। हालांकि, वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से सचेत रहने की अपील की है। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत है।

मृत तेंदुआ मादा है और उसकी उम्र 12 से 18 माह के बीच है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिंसक जीव के साथ संघर्ष की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों से सचेत रहने की अपील की गई है।

– आकाशदीप बधावन, डीएफओ, कतर्नियाघाट



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